- तिब्बत ,चीन, मंगोलिया ने बौद्ध धर्म को जबअपनी भाषा में अपनाया ,तब वह जनता का आंतरिक धर्म बना
- जब नेपोलियन ने मास्को पर आक्रामण किया तो सम्पूर्ण यूरोप की राष्ट्रभाषा फ्रेंच थी ,नेपोलियन के आक्रमण के बाद रूस ने स्वाधीनता का अर्थ समझा और अपनी भाषा बोलने लगे
- रुसी आधिपत्य के समय पोलिश बच्चे डेस्क के ऊपर रुसी भाषा की पुस्तक व डेस्क के नीचे पोलिश भाषा की पुस्तक रखकर पढ़ते थे
- जर्मनी द्वारा क्रूर यंन्त्रणा दिए जाने पर भी, चेक लोगो ने राष्ट्रीय भाषा को अपने जीवन मृत्यु के साथ संलंग समझा
- डेनिश और स्कैंडेनेवियन प्रशसन के मध्य नॉर्वे ने अपनी भाषा खो दी, परन्तु प्रथम विश्वयुद्ध के समय, जब दुनिया के सभी देश एक दूसरे को मारने में लगे हुए थे ,तब नॉर्वे अपनी भाषा को पुनर्जीवित करने में लगा हुआ था
- आयरलैंड के निवासी शताब्दियों तक अंग्रेजी बोलते रहे, १९२२ में जब उसे स्वतंत्रता मिली तो जनसँख्या का १२ प्रतिशत भाग ही आयरिश समझता था ,लेकिन निरक्षर लोगो ने भाषा को और भाषा ने देश को सुरक्षित रखा और आज गैलिक भाषा सभी समझते हैं
- भारत में ७० प्रतिशत लोग हिंदी समझते हैं , लेकिन फिर भी हमें इसे बोलने में शर्म महसूस होती है और हम पाश्चात्य भाषा को बोलना अपनी शान समझते हैं
- १४ सितम्बर १९५० को देवनागिरी लिपि को राजभाषा स्वीकार किया गया
- भारत के बाहर नेपाल ,मॉरीशस ,फिजी ,ब्रिटिश गुयाना, त्रिनिदाद एंड टोबैगो और सूरीनाम में भी हिंदी बोली जाती है व उनकी राजभाषा या सहभाषा भी हिंदी है
- लाख के घर का भेद विदेह ने युधिष्ठिर को बर्बर देश की भाषा में बतला दिया था अर्थात भाषाओ को सिर्फ ज्ञान के लिए जानो ताकि दुसरों को समझ सको ,लेकिन बोलचाल सिर्फ अपनी भाषा में करना चाहिए
- तुर्की के तानाशाह कमालपाशा ने अपने विशेषज्ञों से पूछा कि तुर्की में तुर्की भाषा प्रचलित करने में कितना समय लगेगा ,विशेषज्ञों ने कहा १५ वर्ष , तब कमालपाशा ने कहा की समझ लो कि कल सुबह १५ वर्ष समाप्त हुए ,अगर यही बात जवाहरलालनेहरु ने देश में हिंदी लागू होने के लिए कही होती तो शायद आज देश के राज्यों का बँटवारा भाषाई आधार पर न होता और न ही महाराणाप्रताप के इस देश में नक्सलवाद व कश्मीरी आतंकवाद जैसे मुद्दे पैदा ही नहीं होते
|
its amazing
ReplyDeletethanks for replying
ReplyDeleteNice thought
ReplyDeleteGreat 👍👍👍
ReplyDeleteGood👍👍👍👍
ReplyDeleteThanks
DeleteGood knowledge, keep it up 👍
ReplyDeleteThanks
DeleteSupar
ReplyDeleteThanks
DeleteGreat thought
ReplyDeleteGreat thought
ReplyDeleteNice article
ReplyDeleteNice article
ReplyDeleteNice article
ReplyDeleteNice lines
ReplyDeleteThanks sir
Delete